Monday , 25 March 2019

सपा से बर्खास्त विधायक रामपाल को सीएम अखिलेश यादव से जान का खतरा

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सपा सरकार से निष्कासित सीतापुर के बिस्वा विधायक रामपाल यादव ने रविवार को सरकार और सीएम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने न सिर्फ अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला, बल्कि उन्होंने यहां तक कह डाला कि यूपी सरकार और सीएम से उन्हें जान का खतरा है। ये बातें उन्‍होंने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान कही।

रामपाल यादव ने सरकार के खिलाफ सीतापुर से लखनऊ तक पद यात्रा निकालने का आह्वान करने के साथ ही कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ ही थानाध्यक्ष पारा अशोक यादव से जान का खतरा है। यह दोनों उनकी हत्या भी करा सकते हैं। दोनों के मन में मेरे लिए बहुत खुन्नस है। सीतापुर व लखनऊ में उनकी बिल्डिंग ढहाने के बाद अब हत्या का ताना-बाना बुना गया है। उनकी हत्या कभी भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर मेरी हत्या होती है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। इसके लिए मैंने राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, प्रधानमंत्री तथा गर्वनर सभी को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है। उन्होंने सरकार पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि मायावती ने रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पर सिर्फ पोटा लगाया था लेकिन सीएम अखिलेश यादव ने मेरे ऊपर पोटा लगाने के साथ सोंटा भी चला दिया। मेरा सब कुछ खत्म कर दिया है। अब लडऩे के अलावा मेरे पास कुछ नहीं बचा है। जितना अत्याचार मेरे ऊपर हुआ है मुगल शासन में भी किसी के ऊपर इतना अत्याचार नहीं हुआ।

अब किस पार्टी में जाएंगे, इस सवाल पर रामपाल ने कहा कि वह खुद कोई पार्टी नहीं चुनेंगे। जो पार्टी उन्हें चुनेंगी उसके साथ जाएंगे। उन्होंने कहा कि सीतापुर के सभी विधायक उनके साथ हैं। वह खुलकर नहीं आ रहे हैं क्योंकि वह डर रहे हैं कि कहीं उनका भी हश्र मेरे जैसा न हो। पंचायत चुनाव के दौरान उनको फिर से पार्टी में वापस लेने के प्रकरण पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बीते विधान परिषद चुनाव के दौरान सीतापुर से आनंद भदौरिया को जीत दिलानी थी। जब उनका काम निकल गया तो इतनी बड़ी कार्रवाई करके जता दिया कि कही न कही खुन्नस थी।

विधायक रामपाल यादव ने कहा कि जिस पार्टी में उन्हें सम्मान मिलेगा उसमें जाने को तैयार हैं। उनके साथ सपा के कई विधायक भी जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह एक बार मुलायम सिंह यादव के कहने पर पार्टी में वापस आए गए थे लेकिन अब किसी के झांसे में नहीं आएंगे। मुलायम सिंह से मुलाकात की बात भी उन्होंने नकारी। उन्होंने कहा कि वह उनके बारे में कुछ नहीं कहेंगे। विधायक ने कहा सीतापुर में उनकी बढ़ती लोकप्रियता से सरकार परेशान हो गयी है। उन्होंने कहा कि अगर वह उस समय सपा में न आए होते तो एमएलसी का चुनाव सपा न जीत पाती, क्योंकि सपा को ब्लाक प्रमुख व जिला पंचायत चुनाव में करारी मात मिली थी। ब्लाक प्रमुख की 19 सीट में से 15 ब्लाक प्रमुख हमने अपने जिताये थे। बेटे को जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जितवाया।

विधायक रामपाल यादव ने बताया कि लखनऊ के जियामऊ व सीतापुर में निर्माण को गिराने की जो कार्रवाई की गई है वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ïके निर्देश पर हुई है। इससे करीब 15 करोड़ का नुकसान हुआ है। बिल्डिंगों को बनाने में तमाम पैसा बैंकों से फाइनेंस करके लगाया गया था। उन्होंने बताया कि गोमती नगर के विनय खंड में बने दोनों भवन मानकों के विपरीत नहीं है। अब एलडीए जानबूझकर सरकार के दबाव में काम रही है। विधायक ने डीएम राजशेखर, एसएसपी राजेश पाण्डेय, एलडीए वीसी सत्येंद्र सिंह व सचिव श्रीश चंद्र वर्मा की कार्रवाई से न्यायालय को अवगत कराते हुए न्याय की मांग की है।

उन्होंने कहा कि जियामऊ में किसी भी बिल्डिंग का नक्शा पास नहीं है। सभी बिल्डिंग में कोई न कोई कमी है। क्या एलडीए सभी का ध्वस्तीकरण करेगा। उन्होंने एलडीए वीसी सत्येंद्र सिंह पर आरोप लगाया कि उनके परिवार के संचालित खरगापुर व जानकीपुरम के स्कूल मानक के विपरीत हैं। यही नहीं लैंड यूज भी चेंज नहीं किया गया है।

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